कमी


तुम्हारी कमी सी थी

वक़्त गुज़रता रहा पर सांसे थमी सी थी; मुस्कुरा रहे थे हम; पर आँखों में नमी सी थी; साथ हमारे ये जहाँ था सारा; पर न जाने क्यूँ तुम्हारी कमी सी थी